ओबीसी समुदाय मुफ्त का माल

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गुजरात में 1995 से 2017 तक 54% ओबीसी समुदाय मुफ्त का माल और हिन्दू के नाम पर दू बनाये जाते रहे है.. RSS परिवार के संगठनो के कट्टर जातिवादी और हिन्दू विरोधी ब्राह्मण नेताओ ने गुजरात सरकार के 2017 के मंत्री मंडल में जातिवाद ही चलाया है… तस्वीर – 1 यहां 22 साल बाद ऐसा लम्हा आया जब पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल, शंकर सिंह वाघेला भी नजर आए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों से चर्चा भी की. इस मुलाकात पर वाघेला ने कहा कि कभी यह रहस्य खोलूंगा. 2014 में वजूभाई वाला ने कहा था कि दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, (यानि कि शंकरसिंह और केशुभाई दोनों जातिवादी है.)

==09 केबिनेट रेंक के मंत्रियो में ओबीसी. एसटी और एससी का क्या स्थान है? ==
– क्रम – सामाजिक समुदाय — आबादी —- केबिनेट मंत्री – प्रतिनिधित्व
– 1 – – ब्राह्मण बनिया – – – – 4.00% —- — 1 ———— — 11.00%
– 2 – – क्षत्रिय – – – – – – – – – -4.00% – – – –1 ————- – 11.00%
– 3 – – कणबी पटेल – – – – – 11.00% – – – – 4 – – – – – – – — 44.00%
– 4 – – एससी समुदाय – – – –8.00% – – – –1 ————– -11.00%
– 5 – – आदिवासी समुदाय –16.00% – – – –1 —————11.00%
– 6 – – ओबीसी समुदाय —–54.00% ——-1 ————— 11.00%

गुजरात की प्रति 70 लाख की आबादी पर 1 केबिनेट रेंक का मंत्री है.. लेकिन  कणबी पटेल की 17.4 लाख की आबादी पर 1 केबिनेट   ब्राह्मण – बनिया गठबन्धन का प्रति 25.34 लाख की आबादी पर 1 केबिनेट मंत्री.  क्षत्रिय की 17.4 लाख की आबादी पर 1 केबिनेट  एससी की प्रति 50 लाख की आबादी पर 1 केबिनेट  और ओबीसी की प्रति 3.40 करोड़ आबादी पर 1 केबिनेट मंत्री है.

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